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कविता : तारानंद वियोगी क विस्मयादि


पन्द्रह अगस्त सैंतालिस कें देश भेल छल आजाद मध्य राति मे फहरायल तिरंगा, प्रसारित भेल भाषण मुदा, ओइ दिन दूटा काज एम्हर मिथिला दिस सेहो भेल रहै मधुबन्नी जेल मे मनौलनि सचिव भोगेन्द्र झाक दलबल काला दिवस कि ई सत्तान्तरण थिक आजादी नहि, मुदा अध्यक्ष यात्री जी ताहि सं नै सहमत भविष्यक इजोत कें सहियारैत […]

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